अदनान आलम
उत्तर प्रदेश की सियासत में लोधी समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर आवाज़ तेज होती नजर आ रही है। साक्षी महाराज ने राज्य सरकार में लोधी समाज को समुचित भागीदारी देने की मांग उठाई है। रविवार को कासगंज में आयोजित अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
कार्यक्रम के दौरान मंच से बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी उठी, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
साक्षी महाराज ने लोधी समाज की राजनीतिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “हमें सरकार और संगठन दोनों में सम्मानजनक भागीदारी मिलनी चाहिए। भाजपा के गठन के समय से ही हमारा समाज पार्टी के साथ खड़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि एक समय भाजपा को शहरी पार्टी कहा जाता था, लेकिन कल्याण सिंह के नेतृत्व में यह जन-जन की पार्टी बनी।
उन्होंने आगे कहा कि लोधी समाज राष्ट्रवादी सोच रखता है, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता। “हमारे समाज के लोग राज्यसभा, एमएलसी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे पदों पर पहुंचने चाहिए,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज दबाव की राजनीति नहीं करता, लेकिन पार्टी को अपनी ताकत दिखाना चाहता है।
साक्षी महाराज ने यूपीएससी परीक्षा के इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। वहीं संदीप सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि “संदीप सिंह या राजवीर सिंह के मन में ऐसी कोई इच्छा नहीं है, लेकिन समाज चाहता है कि योग्य व्यक्ति को नेतृत्व मिले।”
राजनीतिक विपक्ष पर निशाना साधते हुए साक्षी महाराज ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पीडीए की कोई लहर नहीं है और भाजपा के नेतृत्व—योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी—का कोई विकल्प नहीं है।
साथ ही उन्होंने सवर्ण समाज के मुद्दे पर कहा कि अगर किसी ने उनके हितों के लिए काम किया है तो वह भाजपा सरकार ही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का भी जिक्र किया।
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Adnan Alam
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