
सफर के दौरान कई लोगों को उल्टी, चक्कर या बेचैनी महसूस होने लगती है। इसे मेडिकल भाषा में “मोशन सिकनेस” कहा जाता है। यह समस्या बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकती है। खासकर कार, बस, ट्रेन, जहाज या हवाई यात्रा के समय यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है। कई बार सफर शुरू होते ही लोगों का सिर घूमने लगता है, पेट खराब महसूस होता है और उल्टी आने लगती है।
डॉक्टरों के अनुसार, मोशन सिकनेस तब होती है जब हमारे शरीर के अलग-अलग हिस्सों से दिमाग को मिलने वाले संकेत आपस में मेल नहीं खाते। उदाहरण के लिए, जब कोई व्यक्ति कार में बैठकर किताब पढ़ रहा होता है, तो उसकी आंखें स्थिर चीज देख रही होती हैं, लेकिन कान और शरीर को महसूस होता है कि वाहन चल रहा है। ऐसे में दिमाग भ्रमित हो जाता है और व्यक्ति को चक्कर, उल्टी या घबराहट होने लगती है।
इस समस्या के सामान्य लक्षणों में मतली, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना, पसीना आना और कमजोरी महसूस होना शामिल है। कुछ लोगों को सफर के दौरान बहुत ज्यादा थकान और बेचैनी भी महसूस होती है। बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, खासकर 9 साल की उम्र के आसपास। हालांकि, सही सावधानी बरतकर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सफर के दौरान मोबाइल फोन या किताब पढ़ने से बचना चाहिए। इससे आंखों और शरीर के संकेतों में फर्क बढ़ जाता है, जिससे मोशन सिकनेस ज्यादा हो सकती है। कार या बस में आगे की सीट पर बैठना बेहतर माना जाता है, जबकि जहाज में बीच वाले हिस्से और विमान में विंग्स के पास बैठना मददगार हो सकता है।
इसके अलावा सफर से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से बचना चाहिए। हल्का भोजन और पर्याप्त पानी पीना फायदेमंद रहता है। सफर के दौरान ताजी हवा लेना, खिड़की के बाहर दूर की चीजों को देखना और आराम करना भी राहत दे सकता है। कुछ लोग अदरक वाली चाय या अदरक की टॉफी का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे उल्टी और मतली कम हो सकती है।
डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवाइयों की भी सलाह देते हैं। हालांकि बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहद जरूरी है। बच्चों की दवाइयों की मात्रा उनके वजन के हिसाब से तय होती है और कई दवाओं की उम्र सीमा भी होती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को दवा नहीं देनी चाहिए।

सिर्फ इंसान ही नहीं, पालतू जानवरों को भी मोशन सिकनेस हो सकती है। कुत्तों और बिल्लियों को सफर के दौरान उल्टी या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसके लिए कुछ विशेष दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें केवल पशु चिकित्सक की सलाह से ही देना चाहिए।
