नवीदुल हसन
तेलंगाना: यदाद्री भुवनगिरी में बाघ का आतंक बढ़ा, एक और मवेशी का शिकार
तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में बाघ के आतंक से लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। अलाईर मंडल के शरजीपेट गांव में बुधवार सुबह बाघ ने एक बार फिर हमला कर एक गाय को मार डाला। यह बाघ द्वारा किया गया सातवां मवेशी शिकार बताया जा रहा है।
यह घटना गांव के बाहरी इलाके में बने एक पशु शेड में हुई। सुबह जब पशु मालिक शेड पहुंचा तो उसने देखा कि गाय मरी हुई थी और बाघ ने उसे आंशिक रूप से खा लिया था। इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल बन गया।
इसी बीच अलाईर मंडल के तंगुतूर गांव में भी बाघ की मौजूदगी के ताजा संकेत मिले हैं। गांव के पास खेतों के किनारे बाघ के पंजों के निशान (पगमार्क्स) देखे गए, जिससे किसानों और ग्रामीणों में डर फैल गया। यह जानकारी तुरंत व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए साझा की गई, जिसके बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि बाघ तंगुतूर से शरजीपेट गांव की ओर गया होगा। दोनों गांवों के बीच की दूरी करीब तीन किलोमीटर ही है।
इससे पहले मंगलवार शाम को बाघ ने अलाईर मंडल के श्रीनिवासापुरम गांव में एक बछड़े को मार डाला था। इसके बाद वह सिड्डेनकी गांव की ओर बढ़ा, जहां पास के एक छोटे जंगल क्षेत्र में बाघ के पंजों के निशान मिले थे।
लगातार बाघ की हलचल की खबरों के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके में दो पिंजरे लगाए गए हैं। सिड्डेनकी गांव के सरपंच एम. सुधाकर ने बताया कि ग्रामीणों को सुबह जल्दी खेतों में न जाने और सूर्यास्त से पहले घर लौट आने की सलाह दी गई है।
बुधवार तड़के एक बार फिर तंगुतूर गांव के पास बाघ की गतिविधि देखी गई। स्थानीय युवक ने पंजों के निशान देखकर गांव के मुखिया को सूचना दी, जिसके बाद वन अधिकारी गांव पहुंचे। गांव के निवासी अनिल ने बताया कि सभी लोग काफी सतर्क हैं।
इससे पहले मंगलवार सुबह राजापेट मंडल के बसंतपुर गांव में भी बाघ ने एक बछड़े को मार दिया था। इस घटना के बाद जिला कलेक्टर एम. हनुमंथा राव ने गांव का दौरा किया और लोगों से सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की।
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