
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चुनाव में हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जिसे लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।
कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर के बाहर लगा एडवांस ऑटोमेटेड स्टील गेट हटा दिया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने यह फैसला चुनाव नतीजों के बाद लिया, जिसके बाद अब यह रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। पहले बतौर मुख्यमंत्री उनके आवास के बाहर कड़ी सुरक्षा के साथ यह गेट लगाया गया था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 294 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को 207 सीटों के साथ भारी बहुमत मिला है, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को महज़ 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। यही नहीं, ममता बनर्जी खुद भवानीपुर सीट से करीब 15 हजार वोटों से हार गईं और उन्हें बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी।
टीएमसी सरकार के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। 35 मंत्रियों में से 22 चुनाव हार गए, जिसमें कई बड़े विभाग संभालने वाले मंत्री शामिल थे। इसे मतदाताओं का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
हालांकि, हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों का व्यवहार पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया और लोकतंत्र की मर्यादा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और विपक्ष की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
नतीजों के बाद कुछ समय के लिए उनके आवास और नबन्ना स्थित कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई थी, लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था में ढील और गेट हटाने के फैसले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। विपक्ष इसे सत्ता परिवर्तन का प्रतीक बता रहा है, जबकि टीएमसी इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में पेश कर रही है।
