बिहार की राजधानी पटना समेत कई शहरों में गुरुवार शाम अचानक अंधेरा छा गया। सड़कों और मोहल्लों में तेज आवाज वाले सायरन बजने लगे, जिससे लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। कई लोग घरों से बाहर निकल आए और आसपास के लोगों से जानकारी लेने लगे।

अचानक बिजली बंद होने और लगातार सायरन बजने से कुछ देर के लिए लोगों में डर का माहौल बन गया। कई इलाकों में लोग इसे किसी बड़े खतरे या आपात स्थिति से जोड़कर देखने लगे। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

बाद में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह एक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल थी। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन और आम लोगों की तैयारी को परखना था। अधिकारियों ने कहा कि यह पूरी तरह योजनाबद्ध अभ्यास था।

इस मॉक ड्रिल में पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज और अररिया जैसे जिलों को भी शामिल किया गया। शाम करीब सात बजे कई इलाकों में कुछ मिनटों के लिए बिजली बंद रखी गई।

प्रशासन ने पहले ही लोगों से अपील की थी कि वे घबराएं नहीं और मॉक ड्रिल के दौरान अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों की लाइटें बंद रखें। साथ ही यह भी कहा गया था कि अस्पताल और जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।

पटना शहर में सौ से अधिक स्थानों पर सायरन लगाए गए थे। जैसे ही सायरन बजे, कई जगहों पर वाहन धीमे हो गए और लोग सड़क किनारे रुककर स्थिति समझने लगे। कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए।

इस घटना के बाद इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी बताया, जबकि कुछ ने कहा कि अचानक हुए ब्लैकआउट से आम लोग भ्रमित हो गए।

अधिकारियों के अनुसार इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद यह जांचना होता है कि किसी संकट की स्थिति में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और बिजली विभाग कितनी तेजी से काम करते हैं। इसके जरिए नागरिकों को भी सतर्क रहने की ट्रेनिंग दी जाती है।

हाल के दिनों में बिहार में खराब मौसम और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय रहा है। इसी वजह से राज्य में कई तरह के सुरक्षा अभ्यास और अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

प्रशासन ने साफ किया कि यह ब्लैकआउट किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं था। हालांकि अचानक अंधेरा और सायरन की आवाज ने लोगों के बीच काफी चर्चा और उत्सुकता जरूर पैदा कर दी। कई इलाकों में देर रात तक लोग इसी विषय पर बातचीत करते रहे।