हवाई यात्रा को आमतौर पर तेज, सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है। लेकिन गुजरात के वडोदरा एयरपोर्ट पर इंडिगो की दिल्ली जाने वाली एक उड़ान में जो हुआ, उसने यात्रियों के लिए कुछ मिनटों को बेहद तनावपूर्ण बना दिया। टेकऑफ से ठीक पहले विमान अचानक अंधेरे में डूब गया। केबिन की लाइट बंद हो गई, एयर कंडीशनिंग रुक गई और कुछ ही मिनटों में विमान के भीतर उमस और घुटन बढ़ने लगी। वडोदरा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E657 में हुई इस घटना ने यात्रियों के अनुभव को एक असहज स्थिति में बदल दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के बयान अब एयरलाइन की तैयारियों और आपात प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

अचानक गई बिजली, और केबिन बन गया बंद कमरा
जानकारी के अनुसार, रविवार रात विमान उड़ान भरने की तैयारी में था। यात्री सीटों पर बैठ चुके थे और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। तभी अचानक विमान की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कुछ ही सेकंड में केबिन की रोशनी गायब हो गई और एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी बंद हो गया। बंद विमान के भीतर जब वेंटिलेशन रुक गया, तो यात्रियों को गर्मी और घुटन महसूस होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हालात धीरे-धीरे ऐसे बनने लगे कि कुछ यात्रियों ने बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत करनी शुरू कर दी।कई यात्रियों के मुताबिक सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को हुई। कुछ लोगों ने क्रू सदस्यों से लगातार जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआती मिनटों में स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ सकी।

25 मिनट तक इंतजार और बढ़ती बेचैनी
करीब 25 मिनट तक यात्री इसी स्थिति में विमान के अंदर बैठे रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किए, जिनमें अंधेरे के बीच परेशान यात्रियों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। कई यात्रियों ने बाद में कहा कि बंद केबिन और उमस के कारण स्थिति असहज हो गई थी। लगभग रात 9 बजकर 15 मिनट के आसपास बिजली आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद केबिन की रोशनी लौटी, एयर कंडीशनिंग सिस्टम दोबारा शुरू हुआ और यात्रियों ने राहत महसूस की। तकनीकी समस्या ठीक होने के बाद विमान ने अपनी यात्रा जारी रखी।

आखिर क्या थी तकनीकी वजह?
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, घटना की वजह विमान की ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) में आई तकनीकी खराबी थी। विमान जब एयरपोर्ट पर खड़ा होता है और उसके इंजन बंद रहते हैं, तब कई जरूरी सिस्टम बाहरी बिजली स्रोत यानी GPU से चलते हैं। इसी सिस्टम के जरिए केबिन लाइट, एयर कंडीशनिंग, कॉकपिट डिस्प्ले और कई इलेक्ट्रिकल सुविधाएं संचालित होती हैं। तकनीकी गड़बड़ी आने पर विमान के कई जरूरी सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले में भी शुरुआती जानकारी उसी ओर इशारा कर रही है।

क्या बढ़ रही हैं तकनीकी घटनाएं?
हाल के समय में विमानों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की खबरें लगातार चर्चा में रही हैं। कभी यात्रियों को बिना एयर कंडीशनिंग के विमान में बैठना पड़ा, तो कहीं तकनीकी खराबी के कारण उड़ानों में देरी हुई। कुछ घटनाओं में सुरक्षा जांच और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठे।हालांकि हर तकनीकी गड़बड़ी किसी बड़े खतरे का संकेत नहीं होती, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं यात्रियों के मन में चिंता जरूर बढ़ाती हैं। वडोदरा की यह घटना भी फिलहाल एक
तकनीकी खराबी के रूप में सामने आई है, लेकिन इससे यह बहस फिर तेज हो गई है कि यात्रियों की सुविधा और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को और मजबूत करने की जरूरत है।
