ब्रिटेन की स्थानीय राजनीति में एक नाम हाल के दिनों में तेजी से सुर्खियों में आया है तुषार कुमार।सिर्फ 23 साल की उम्र में उन्होंने वह उपलब्धि हासिल कर ली, जिसे कई नेता उम्रभर की राजनीतिक यात्रा के बाद भी नहीं छू पाते। 13 मई 2026 को उन्हें एलस्ट्री एंड बोर्हमवुड काउंसिल का मेयर चुना गया।कम उम्र, साफ सोच और समुदाय से गहरा जुड़ाव इन तीनों ने उन्हें ब्रिटेन में भारतीय मूल के सबसे युवा नेताओं में शामिल कर दिया है।उनकी कहानी सिर्फ किसी युवा का राजनीति में प्रवेश नहीं, बल्कि यह बताती है कि अगर दृष्टि साफ हो और नीयत जनता के हित में हो, तो उम्र कभी भी नेतृत्व की राह में रुकावट नहीं बनती।
तुषार का जन्म भारत में हुआ और पढ़ाई-लिखाई के बेहतर अवसरों के लिए वे किशोरावस्था में ब्रिटेन चले गए।
वहाँ पहुँचने के बाद उन्होंने स्थानीय समाज को समझा, उसकी जरूरतों को महसूस किया और धीरे-धीरे सामुदायिक गतिविधियों में अपना योगदान देना शुरू किया।स्थानीय मुद्दों जैसे ट्रैफिक, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएँ, आवास और युवा अवसर को नज़दीक से देखने के बाद उन्होंने महसूस किया कि केवल शिकायत करने से बदलाव नहीं आता।यही सोच बाद में उनके राजनीतिक सफर की नींव बनी।
ब्रिटेन पहुंचकर तुषार ने सामाजिक संगठनों और नागरिक मंचों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया।लोगों से सीधे बातचीत करने, उनकी समस्याएँ सुनने और समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का उनका तरीका लोगों को पसंद आया।कुछ ही समय में वे स्थानीय समुदाय के बीच एक विश्वसनीय युवा चेहरा बन गए।2023 में उन्हें पहली बार काउंसिलर चुना गया और बाद में वे डिप्टी मेयर भी बने इसके बाद 13 मई 2026, यानी इसी साल, वे आखिरकार मेयर की जिम्मेदारी तक पहुँच गए।
मेयर चुनाव में तुषार ने तीन बड़े वादों पर अपनी पूरी मुहिम केंद्रित की स्थानीय समस्याओं का सीधा हल युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना समावेशिता और समुदाय की एकता को मजबूत करना मतदाताओं ने उनके विज़न पर भरोसा जताया और नतीजतन वे 23 साल की उम्र में मेयर चुने गए।
तुषार कुमार का मानना है कि स्थानीय सरकार की भूमिका लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में वास्तविक सुधार लाना है पारदर्शिता, जवाबदेही और सरल प्रशासन किसी भी नेता की असली पहचान है युवाओं को राजनीति और सार्वजनिक सेवा में आगे आना चाहिए तुषार कहते हैं कि उम्मीदों को काम में बदलना ही असली नेतृत्व है।
तुषार कुमार की कहानी हमें सिखाती है कि राजनीति सिर्फ बुजुर्गों की दुनिया नहीं है युवाओं में भी वह ऊर्जा और दृष्टि होती है जो समाज को नई दिशा दे सकती है।एक साधारण शुरुआत से ब्रिटेन के मेयर पद तक पहुँचने का उनका सफर यह साबित करता है कि सच्ची नीयत, मेहनत और जनता से जुड़ाव हो तो उम्र मायने नहीं रखती।
